कच्छ की कंपनी में गांजे की कथित खेती का आरोप! पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, NCB जांच की मांग
कच्छ की कंपनी में गांजे की कथित खेती का आरोप! पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल, NCB जांच की मांग
मोटी चिराई की फैक्ट्री में गांजे के 25–26 पौधे उगाने का दावा, पुलिस रिकॉर्ड गायब करने के आरोप से मचा हड़कंप
गांजे की कथित खेती और पुलिस मिलीभगत के गंभीर आरोप! भचाऊ-अंजार-भुज पुलिस की विजिलेंस जांच की मांग
भचाऊ की औद्योगिक इकाई में गांजे की कथित अवैध खेती का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
मोटी चिराई स्थित अग्रवाल एंड कंपनी परिसर में 25 से 26 गांजे के पौधे उगाने का दावा; पुलिस कार्रवाई और रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग
भचाऊ, कच्छ: गुजरात के कच्छ जिले के भचाऊ तालुका के मोटी चिराई गांव स्थित मैसर्स अग्रवाल एंड कंपनी के औद्योगिक परिसर में गांजे की कथित अवैध खेती और मामले को दबाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में राजेश कुमार गुप्ता, जिन्होंने स्वयं को अधिकृत व्हिसलब्लोअर एवं पूर्व प्लांट मैनेजर बताया है, ने प्रेस नोट जारी कर केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रेस नोट के अनुसार, करीब चार महीने पहले कंपनी परिसर में कथित तौर पर 25 से 26 गांजे के पौधे उगाए गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस गतिविधि में एक लेबर कॉन्ट्रैक्टर और फैक्ट्री कैंटीन का कुक शामिल थे तथा इसके पीछे कंपनी के मुख्य प्रमोटर-डायरेक्टर सुकेश बालकृष्ण अग्रवाल के निर्देश होने का दावा किया गया है।
पुलिस छापेमारी और रिकॉर्ड गायब करने का आरोप - शिकायतकर्ता का दावा है कि गुप्त सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने परिसर में छापेमारी की थी और गांजे के पौधों को उखाड़कर अपने कब्जे में लिया था। इसके बाद कथित तौर पर मामले को दबाने, पुलिस स्टेशन की रोजनामचा एंट्री और पंचनामे को गायब करने तथा साक्ष्य नष्ट करने के आरोप लगाए गए हैं। प्रेस नोट में पुलिस अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पुलिस रिकॉर्ड की उपलब्धता की जानकारी सामने आना बाकी है।
NCB और विजिलेंस जांच की मांग शिकायतकर्ता ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की अहमदाबाद जोन की विशेष टीम से परिसर का फॉरेंसिक निरीक्षण कराने तथा कथित घटनास्थल की मिट्टी और संबंधित हिस्सों की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। प्रेस नोट में परिसर के धर्मकांटे के सामने और गौशाला के विपरीत स्थित पेड़ों वाले हिस्से का विशेष निरीक्षण करने की बात कही गई है।
इसके अलावा गुजरात पुलिस की विजिलेंस शाखा से भचाऊ, अंजार और भुज क्षेत्र के संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका, पिछले चार महीनों के उपलब्ध प्रासंगिक रिकॉर्ड और स्टेशन डायरी की जांच कराने की मांग की गई है।
आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग - शिकायतकर्ता ने संबंधित व्यक्तियों और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ NDPS अधिनियम तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल, इन आरोपों के संबंध में संबंधित पुलिस विभाग, कंपनी प्रबंधन या नामित व्यक्तियों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। आरोपों की पुष्टि सक्षम एजेंसी की जांच, आधिकारिक दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। निष्पक्ष जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
